पीयूष जैन की जमानत पर आज आ सकता है फैसला, 45 पेज का जवाब और सवा तीन घंटे तक चली बहस

कानपुर। इत्र कारोबारी पीयूष जैन की जमानत अर्जी पर शुक्रवार को बहस पूरी हो गई। महानिदेशालय जीएसटी इंटेलीजेंस (डीजीजीआइ) के विशेष लोक अभियोजक ने जमानत का विरोध किया। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आदेश सुरक्षित कर लिया है। शनिवार को निर्णय की जानकारी होगी।

पीयूष जैन की जमानत अर्जी बुधवार को दाखिल की गई थी। जवाब के लिए डीजीजीआइ के विशेष लोक अभियोजक अंबरीश टंडन की ओर से दस दिनों का समय मांगा गया मगर, न्यायालय ने एक दिन का समय दिया। गुरुवार को हुई सुनवाई में विशेष लोक अभियोजक ने डीजीजीआइ अहमदाबाद से जवाब न आने के चलते आपत्ति न लगा पाने का तर्क दिया और पुन: तीन दिन का समय मांगा। हालांकि न्यायालय ने शुक्रवार का समय तय किया। शुक्रवार को एसीएमएम द्वितीय के न्यायालय में डीजीजीआइ के विशेष लोक अभियोजक ने 45 पेज का जवाब दाखिल कर जमानत का विरोध किया। सवा तीन घंटे तक चली बहस के दौरान उन्होंने कहा, प्राथमिक चरण में 32 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी का अनुमान लगाया गया था।

चूंकि विवेचना चल रही है, लिहाजा अभी संपूर्ण टैक्स की गणना की जा रही है। पीयूष जैन जिन फर्मों और व्यापारियों से कच्चा माल खरीदते और तैयार माल बेचते थे, उनका नाम नहीं बताया। सात साल से कम सजा वाले मामले में गिरफ्तारी करने का तर्क देते हुए कहा कि सीजीएसटी एक्ट की धारा 132-1 के तहत पांच करोड़ रुपये से अधिक की टैक्स चोरी मामले में गिरफ्तारी की जा सकती है। लिहाजा सभी कारण दिखाते हुए गिरफ्तारी की गई है।

जमानत खारिज करने की अपील करते हुए सुप्रीम कोर्ट की रूलिंग नत्था लाल चौहान बनाम गुजरात राज्य का हवाला भी दिया, जिसमें गुजरात हाईकोर्ट से जमानत निरस्त होने के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचे मामले में आरोपित वादी की ओर से एसएलपी वापस ले लेने का जिक्र किया। डीजीजीआइ की ओर से यह भी तर्क दिया गया कि पीयूष जैन के छोटे भाई अंबरीश कुमार जैन ओडोकैम इंडस्ट्रीज में 33 प्रतिशत के साझीदार हैं। उनसे पूछताछ के लिए आठ समन दिए जा चुके हैं लेकिन, अभी तक वह हाजिर नहीं हुए। इन्हीं आधारों पर कहा गया कि जमानत मिली तो पीयूष गवाहों को प्रभावित कर सकता है।

तर्क दिया कि मामले की विवेचना जारी है जिसमें और धनराशि मिलने की संभावना है। इसके बाद ही अंतिम जीएसटी टैक्स का आकलन किया जा सकेगा और तब सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की जाएगी। बचाव पक्ष के अधिवक्ता चिन्मय पाठक ने बताया कि कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। शनिवार को निर्णय आएगा।

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